वो कागज की दौलत ही क्या (What is the paper’s wealth)


  • वो कागज की दौलत ही क्या (What is the paper’s wealth)
    जो पानी से गल जाये और
    आग से जल जाये

दौलत तो दुआओ की होती हैं
न पानी से गलती हैं
न आग से जलती हैं…
आनंद लूट ले बन्दे,
प्रभु की बन्दगी का
ना जाने कब छूट जाये,
साथ जिन्दगी का।।


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