खुद की तरक्की में इतना (So much in advance)

खुद की तरक्की में इतना (So much in advance)

खुद की तरक्की में इतना (So much in advance)
झूठ में आकर्षण होता है,(attraction in lies)

/> समय लगा दो
की किसी और की बुराई
का वक्त ही ना मिले……
“क्यों घबराते हो दु:ख होने से,
जीवन का प्रारंभ ही हुआ है रोने से..
नफरतों के बाजार में जीने का अलग ही मजा है…
लोग “रूलाना” नहीं छोडते…
और हम “हँसना” नहीं छोडते…!

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