प्रेम चाहिये तो (Love if so)

प्रेम चाहिये तो (Love if so)

प्रेम चाहिये तो (Love if so)

समर्पण खर्च करना होगा।
विश्वास चाहिये तो
निष्ठा खर्च करनी होगी।
साथ चाहिये तो
समय खर्च करना होगा।
किसने कहा रिश्ते
मुफ्त मिलते हैं ।
मुफ्त तो हवा भी नहीं मिलती
एक साँस भी तब आती है।
जब एक साँस छोड़ी जाती है।

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