Change yourself not others

Change yourself not others

Change yourself not others

इंसान घर बदलता है, लिबास बदलता है,
‘रिश्ते’ और ‘रास्ते’ के बीच,(Between ‘ relationships ‘ and ‘ pathways ‘)

/> रिस्ते बदलता है,
दोस्त बदलता है,
फिर भी परेशान क्यो रहता है
क्योकी वो खुदको नही बदलता ।।
“मिर्जा गालिब ने कहा है ”
उम्र भर गालिब यही भूल करता रहा…!!
धूल चेहरे पर थी ओर आईंना साफ करता रहा..!!

4 Replies to “Change yourself not others”

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