कौन से "कपड़े" पहनूं....(What "clothes" should we wear)

कौन से “कपड़े” पहनूं….(What “clothes” should we wear)

कौन से “कपड़े” पहनूं….(What “clothes” should we wear)“उड़ा भी दो सारी रंजिशें इन हवाओं में (Blow even two whole grievance in these winds)

/> जिससे मै अच्छा लगूं…
ये तो हम हर रोज सोचते हैं..
पर कौन सा “कर्म” करुं…
जिससे मै भगवान को अच्छा लगूं..
ये कोई कभी भी नही सोचता…