आज मेरी कलम रो रही है(Today my pen is crying)

आज मेरी कलम रो रही है(Today my pen is crying)

आज मेरी कलम रो रही है(Today my pen is crying)

कितनी माताएं रो रही है और कितनी विधवा हो रही है।
नापाक मंसूबो के हाथों फिर कुलुषित मानवता हो रही है।

वो बुजदिल हर बार गोलियां दाग रहा है,
भारत माता का बेटा अब इंसाफ मांग रहा है
अब न कोई बहस हो अब न कोई जुमला हो
हमला करनेवालों पर अब सीधा हमला हो।।

तिरंगे में आखिर कब तक लिपट के लाशें आएगी
क्या अब शव को ढूंढने सिर्फ CBI जांचे जाएगी,

रक्षा करने वालो की सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह लग रहे है,
इन शैतानो को उड़ाने में इतने दिन क्यों लग रहे है
क्यो तिरंगे का रंग अब लाल होता जा रहा???

देश के स्वाभिमान का मज़ाक मख़ौल होता जा रहा है???
अब गोलियां चले और पाक का नंबर पहला हो ।
हमला करने वालो पर अब सीधा हमला हो

अमर शहीदों धड़कते अरमान हमारे दिलो में जिंदा रहेंगे जब तक जवाब न देंगे उनको हम शर्मिदा रहेंगे
न चैन से सोना है ना अब सुकून का कोई कोना है,
शहीदों का एक भी बलिदान भाषणों में न पिरोना है।

पुलवामा की घटना से किसका दिल न दहला हो
हमला करनेवालों पर अब सीधा हमला हो।

जय हिंद

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