तलाश जिंदगी की थी (exploring life)

तलाश जिंदगी की थी (exploring life)
दूर तक निकल पड़े,

जिंदगी मिली नही
तज़ुर्बे बहुत मिले,

किसी ने मुझसे कहा कि…
तुम इतना *ख़ुश कैसे रह लेते हो?
तो मैंने कहा कि…
मैंने जिंदगी की गाड़ी से…
वो साइड ग्लास ही हटा दिये…
जिसमेँ पीछे छूटते रास्ते और..
बुराई करते लोग नजर आते थे..

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